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Haryana Winter Session : सदन में गूंजा जूनियर महिला कोच मामला, विज बोले- मामला कोर्ट में है तो चर्चा न की जाए

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Haryana Winter Assembly

HARYANATV24: हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू हो गई है। सबसे पहले हिसार निवासी लेफ्टिनेंट अक्षत और राज्य मंत्री कमलेश ढांडा के भतीजे के निधन पर शोक जताया गया।

सोनीपत से विधायक सुरेंद्र पंवार ने सरकार से पूछा कि गेस्ट टीचर्स को पक्का किया जा सकता है या नहीं। उन्होंने कहा कि पूर्व की कांग्रेस सरकार ने टीचर्स की कमी को पूरा करने के लिए गेस्ट टीचर्स को भर्ती किया था। जो अभी तक सेवाएं दे रहे हैं।

लेकिन उन्हें अभी तक पक्का नहीं किया गया। इसके अलावा गेस्ट और नियमित टीचरों के वेतन में भी बहुत असमानता है। जबकि गेस्ट टीचर्स भी समान काम करते हैं।

शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने जवाब देते हुए कहा कि गेस्ट टीचर को लेकर एक एक्ट 2019 बनाया गया था। जिसके तहत 58 साल की उम्र तक उन्हें निकाला नहीं जा सकता। और हर साल उन्हें मंहगाई भत्ता भी दिया जाता है।

घरौंडा से विधायक हरविंदर कल्याण ने बाढ़ से रोकथाम के उपाय करने का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि करनाल में यमुना का बांध कच्चा है उसे पक्का किया गया। कृषि मंत्री ने कहा कि हमने करीब 35 करोड़ रुपए जारी किए हैं। रास्ते के लिए भी विभाग से बात करुंगा।

इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला ने राज्य मंत्री संदीप सिंह पर महिला कोच द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोपों का मुद्दा उठाया। अभय ने आरोप लगाया कि सरकार ने राज्य मंत्री पर कार्रवाई नहीं की। उन्हें बचा रही है और महिला कोच को प्रताड़ित किया जा रहा है।

जवाब में गृहमंत्री ने बताया कि प्रदेश में खिलाड़ियों और कोच के यौन शोषण के अभी तक कुल 24 मामले दर्ज किया गए हैं। इनमें 17 केस कोर्ट में चल रहे हैं जिनमें छह मामलों में कोई साक्ष्य नहीं मिला है। चार मामलों में सबूत नहीं मिलने पर आरोपी छोड़ दिए गए हैं।

राज्य मंत्री संदीप सिंह के मामले कोर्ट में कोर्ट में विचाराधीन होने का हवाला देते हुए विज ने और अधिक जानकारी देने से इनकार कर दिया। जवाब से असंतुष्ट अभय चौटाला ने सदन से वॉकआउट किया।

चंडीगढ़ कांग्रेस विधायक जगबीर मलिक ने सरकार से पूछा कि क्या बीते सालों में हरियाणा के सरकारी स्कूलों में दाखिले कम हुए हैं? इस सवाल पर शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने अजीब तर्क दिया। उन्होंने कहा कि हरियाणा में जनसंख्या वृद्धि की दर घट रही है, इसलिए सरकारी स्कूलों में भी बच्चे घट रहे हैं।

जगबीर मलिक ने कहा कि इस सत्र में करीब सवा लाख दाखिले घटे हैं। इसका क्या कारण है? शिक्षा मंत्री बताएं कि स्कूलों का परिणाम क्या है, देश में क्या ग्रेड हरियाणा के स्कूलों मिला है?

शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस बार दाखिले कम हुए हैं। हम मानते हैं जिसके कई कारण हैं।‌ लेकिन अगर पिछले सालों को भी देखा जाए तो दाखिलें बढ़े हैं।

प्रिंसिपल द्वारा योन शोषण में लिप्त प्रिंसिपल को पूर्व में फेवर होने के मामले में गीता भुक्कल ने आरोप लगाने का मामला सदन में उठाया। जिसके बाद सदन में भारी हंगामा हुआ। सदन में इस मसले पर भूपेन्द्र हुड्डा ने पूछा किस बात कि ज्युडिशल इंक्वारी होगी?

इस पर सीएम मनोहर लाल ने कहा कि हम इस मामले कि ज्युडिशल इंक्वारी कि बात कर रहे हैं। आज हम इसके लिए चीफ़ जस्टिस को पत्र लिखकर जज कि नियुक्ति कि बात कह रहे हैं। इस मामले की इन्क्वायरी की जाएगी जो भी दोषी होगा उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी।

विधानसभा में गर्ल स्टूडेंट्स के साथ प्रिंसिपल द्वारा छेड़छाड़ मामले की जांच सिटिंग जज द्वारा कराई जाने के मामले पर तीखी बहस जारी है। जजपा विधायक रामकुमार गौतम और विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि मामले की जांच हाई कोर्ट के सीटिंग जज को देकर अपनी चोटी जजों को मत दो। करीब 40 मिनट के हंगामा के बाद विधानसभा की कार्यवाही 1 घंटे के लिए स्थगित हो गई।

जहरीली शराब मामले पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई। अभय चौटाला ने कहा कि नवंबर 2023 में जहरीली शराब पीने से 22 लोगों की मौत हुई थी। इससे पहले भी प्रदेश में ऐसे मामले सामने आए। यह काम आज भी धड़ल्ले से जारी है। सरकार इस पर जवाब दे।

बलराम कुंडू ने कहा कि इस मामले में शराब माफिया शामिल हैं।‌ हाल ही में 22 लोगों की मौत हुई। सरकारी ठेकों पर नकली शराब बेची जा रही है। नीरज शर्मा ने कहा कि जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में कहना चाहता हूं। सरकार बताए कि पिछले 5 सालों में जहरीली शराब से कितने लोगो की मौत हुई? सरकार ने आरोपियों पर क्या कार्रवाई की?

जहरीली शराब के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव मामले पर जवाब देते हुए अनिल विज ने मस्ती के अंदाज में कहा हमसे क्यों शराब के पव्वे पढ़वा रहे हो। अनिल विज ने कहा कि जहरीली शराब पीने से 20 लोगों की मौत हुई है। पुलिस ने 5 एफआईआर दर्ज हुई हैं। 36 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।

पुलिस को जांच के दौरान अंबाला में एक फैक्ट्री का पता चला जहां नकली शराब बनाई जा रही थी। इस मामले सभी आरोपी जेल में हैं जबकि एक आरोपी की जहरीली शराब पीने से मौत हो गई। सरकार ने पीड़ित परिवारों को 32 लाख रुपए की मदद दी है।

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