मौसम बदलते ही क्यों होता है जुकाम, समझें इसका कारण और इम्युनिटी से कनेक्शन

HARYANATV24: बदलते मौसम ने भले ही कड़ाके की सर्दी से राहत दिलाई है, लेकिन मौसम में बदलाव के साथ ही अब सर्दी-जुकाम के मामले तेजी से बढ़ने लगेंगे। इस दौरान सर्दी जुकाम हो जाता है, तो ये बहुत बड़ा सिरदर्द का कारण बन जाता है।
जुकाम असल में नाक और गले का संक्रमण है, जो कि 200 से भी ज्यादा रेस्पिरेटरी वायरस के कारण होता है। ये तेजी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। संक्रमित व्यक्ति की छींक और खांसी के ड्रॉपलेट से ये दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैल जाता है। इतना ही नहीं संक्रमित स्थान को छू देने भर से भी ये फैल जाता है। आइए आपको बताते हैं आखिर क्यों होता है जुकाम और क्या है इसके इम्युनिटी से कनेक्शन-
जुकाम के लक्षण
- नाक से पानी बहना
- छींकना
- गले में दर्द
- सिरदर्द
- बदन दर्द
- खांसी
गंभीर मामलों में जुकाम बढ़ कर ऐसे रूप भी ले सकता है-
- मिडिल ईयर इन्फेक्शन
- अस्थमा अटैक
- साइनस इन्फेक्शन
- न्यूमोनिया
- सीओपीडी
क्यों होता है जुकाम?
- अधिकतर जुकाम जैसे संक्रमण राइनोवायरस के कारण होते हैं। ये नेजल पैसेज के अंदर मौजूद सेल्स से जा कर चिपक जाता है, फिर ये वहीं रिप्लीकेट होना शुरू हो जाता है। इससे अपर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट में वायरस तेजी से फैलता है और इस तरह संक्रमण बढ़ता जाता है।
- कुछ शोध ऐसा बताते हैं कि राइनोवायरस 37° C से कम तापमान पर तेजी से रिप्लीकेट होते हैं। नेजल पैसेज के अंदर का तापमान लगभग 33°C तक होता है जो कि राइनोवायरस के लिए एक परफेक्ट माहौल बनाता है। हालांकि इस शोध पर अभी और भी पुष्टीकरण बाकी है।
- सर्दी या बदलते मौसम में लोग अक्सर अपने घर के अंदर रहते हैं, जिससे पर्याप्त वेंटिलेशन नहीं मिलता है। इससे संक्रमित वायरस का ट्रांसमिशन आसानी से हो जाता है।
- Vitamin-D की वजह से इम्युनिटी कमजोर हो जाती है। ऐसे में इम्युनिटी कमजोर होने से शरीर की वायरस से लड़ने की क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे वायरस तेजी से अटैक करते हैं और शरीर में अपनी जगह बना लेते हैं।
जुकाम से बचने के लिए क्या करें
इसलिए इससे बचने के लिए खूब पानी पीएं, खांसते या छींकते समय साफ कपड़े को नाक और मुंह पर रखें, जूठा न खाएं, नियमित रूप से हाथ धुलें, विटामिन सी और मिनरल युक्त फल और सब्जियों का सेवन करें, जिससे इम्युनिटी बूस्ट हो।